Monkey Hindi Essay

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बंदर एक मेरूदण्डी, स्तनधारी प्राणी है। इसके हाथ की हथेली एवं पैर के तलुए छोड़कर सम्पूर्ण शरीर घने रोमों से ढकी है। कर्ण पल्लव, स्तनग्रन्थी उपस्थित होते हैं। मेरूदण्ड का अगला भाग पूँछ के रूप में विकसित होता है। हाथ, पैर की अँगुलियाँ लम्बी नितम्ब पर मांसलगदी है।

व्यवहार[स्रोत सम्पादित करें]

'प्लोस वन' में छपे शोध निष्कर्षों के अनुसार अमरीका के ड्यूक विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं के अनुसार बंदर भी इंसान की तरह ही फ़ैसला करते और खीझते हैं। फ़ैसला करने के भावनात्मक परिणाम- निराशा और दुख दोनों ही बंदर प्रजाति में भी मूलभूत रूप से मौजूद हैं और यह सिर्फ़ इंसानों का आद्वितीय गुण नहीं है।[1]

बंदर, एक बुद्धिमान जानवर बंदर के बारे में, जो ज्यादातर पेड़ों पर रहता है और आम तौर पर जंगलों में पाया जाता है। वे समूह में रहते हैं एवं बहुत बुद्धिमान और नई चीजों के बारे में उत्सुक हैं। ये शरारती और साहसी हैं इस प्रजाति का वर्णन करने के लिए बहुत सारी चीजें हैं | इस प्रजाति में 264 नस्ले है | ये मनुष्यों के समान हैं जब भी वे भोजन की खोज मे जाते हैं तो वे सभी एक समूह का हिस्सा हैं, लीडर बंदर सबकी अगुवाई करते हैं जो भोजन इकट्ठा करते हैं और समूह के सभी सदस्य बाहरी खतरों से उसे कवर करते है |

बंदरों के बारे में तथ्य

सामान्यता बंदरों का वजन 36 किलोग्राम और लगभग 01 मीटर लंबी पूंछ का आकार 100 मिलीग्राम और 117 मिलीमीटर (4.6 इंच) के रूप में 172 मिलीमीटर (6.8 इंच) के साथ होता है | आम तौर पर वे छोटे जानवर (कीड़े और मकड़ियों सहित), पत्ते, नट, फल, फूल, अंडे और बीज खाते हैं।

बंदर की क्षमताऐ

इस प्रजाति की मानव की तरह अपने स्वयं के उंगलियों के निशान होते है | इनका दिमाग इनके शरीर की तुलना मे थोड़ा बड़ा है, यह सबसे मुख्य बात है जिसमें उन्हें सबसे अधिक बुद्धिमान जानवरों की श्रेणी में शामिल किया गया है।

बंदर आक्रमण

बन्दरो को कृषि कीटों की ही तरह से मार या पकड़ा जाता है ताकि वे फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा सकें। सरकार ने पर्यटक स्थलो पर भी पर्यटकों को सावधान करने की लिए सूचना पट्ट लगाए है क्योंकि वे पर्यटकों पर हमला करते थे। उपप्रजातियों में से कुछ खतरनाक होते हैं और यदि वे किसी भी तरह से उकसावे पर मानव पर हमला कर सकता है। यदि कोई पर्यटक इन्हे आकर्षित करने वाली चीज़ डाल देता है या कोई चीज़ उसके पास होती है तो उन चीज़ों को छीनने के लिए निश्चित रूप से उस व्यक्ति पर हमला करता है। वे तब भी आक्रामक हो जाते हैं अगर कोई उन्हें अपने दाँत दिखाता है कि वह उन्हें मुस्कुराहट दे रहा है, लेकिन वे इस अभ्यास से परेशान हैं और उन पर मुस्कान देने वाले व्यक्ति पर हमला कर सकते हैं।

बंदर का काटना

बंदर काटने, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना बड़ा है। यह बहुत खतरनाक है। वे नियमित रूप से अपने मुँह में उच्च स्तर वाले रेबीज बैक्टीरिया पालते है और जिस पर हमला किया जाता है, वह कम से काम समय में संक्रमित हो सकता है। ऐसे मामले में, घाव को कम से कम 15 मिनट के लिए साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए और तत्काल एक चिकित्सक से परामर्श करें जो इलाज को सुरु कर दे और रेबीज के खिलाफ सबसे अच्छी सावधानी बरतें।

धर्म और संस्कृति के अनुसार वे एक बुद्धिमान और शरारती जानवर के रूप में वर्णित हैं। कुछ परिस्थितियों में, ऐसे लोगों को सहायता करने के लिए उपयोग किया जाता है| विकलांग व्यक्ति के साथ रखे जाने से पहले उन्हें भोजन, आनन्द, वस्तुओं को ाधन प्रदान करने और व्यक्तिगत देखभाल के लिए उन्हें विशाल और व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है।

बंदर की विशेषताऐ

विभिन्न विशेषताओं के साथ कई अलग-अलग मामले होते हैं। हम उन्हें आकार, रंग, क्षमताओं और स्थान के अनुसार अलग कर सकते हैं, जहां ये पाये जाते है। अपनी प्रजाती की साथ बंदर बहुत सामाजिक हैं वे खतरे को एक-दूसरे से संवाद करने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं

बंदर की प्रजातिया

दुनिया भर में लगभग 264 प्रसिद्ध प्रजातियों है। कुछ प्रजातियो के अनुसार वे बहुत छोटे हो सकते हैं या बड़े हो सकते हैं। सबसे छोटा बंदर करीब 6 इंच लंबा और लगभग 4 इंच का भारी है। सबसे ऊंचा एक 03 फीट लंबा और 77 पौंड भारी है।

अंतरिक्ष बंदर

कई देशों ने उन्हें अपने अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम में इस्तेमाल किया। पहला स्थान अल्बर्ट द्वितीय था, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 14 जून 1 9 4 9 में लॉन्च किया गया वी 2 रॉकेट में उड़ गया।

बंदर व्यवहार

वे कई मायनों में मनुष्य की सामान है। वे अपनी भावनाओं को उनके समूह में साझा करते हैं मनुष्य के समान भी वे अपने शोक, उदासी, प्रेम और क्रोध को दिखाते हैं। कभी-कभी वे अपने चेहरे पर उनकी मुस्कान के साथ शोधों करने वालो को भी आश्चर्यचकित करते हैं। मानव की ही तरह उनके पास उंगलियों के निशान भी हैं। इस प्रजाति के पास मस्तिष्क है इसलिए वे इतने बुद्धिमान हैं तो अन्य जानवरों से इन्हे चालाक माना जाता है |

बंदर का शिकार

बंदर की कुछ प्रजातियों का भविष्य इन दिनों अनिश्चित है। उनको शिकार करना और उन्हें पालतू जानवर के रूप में रखना एवं इनके प्राकृतिक निवास स्थान और विकास को प्रभावित करता है। कुछ स्थानों पर इन्हे मार दिया जाता है | ग्रामीणों और किसानों ने उन्हें मार डाला ताकि वे अपनी फसल को इनसे बचा सके और यह फसल को खराब नहीं कर सकें। कुछ क्षेत्रों में मानव इनके मांस का उपभोग करते हैं दक्षिण एशिया, अफ्रीका और चीन के कुछ हिस्सों में बंदर खाए जाते हैं चीनी लोग आम तौर पर इनके दिमाग को खाना पसंद करते हैं |

वे कई चिड़ियाघर और संरक्षण स्थान का भी हिस्सा हैं। वे बहुत मनोरंजक हैं इसलिए बहुत सारे लोग उन्हें देखने आते हैं।

प्रजनन भी संरक्षण कार्यक्रम का एक हिस्सा है। यह वह है जो विभिन्न प्रजातियों को उनकी आबादी में वृद्धि करने में मदद करता है। हम आशा करते हैं कि कई प्रजाति चिड़ियाघर और वार्तालाप कार्यक्रम के बजाय जंगली जीवन का हिस्सा बन जाएंगे।

बंदर का थप्पड़

जैसा कि बताया गया है कि जंगली में बंदर बेहतरीन और बुद्धिमान जानवर है और बहुत सारे हित के तथ्य हैं जो निश्चित रूप से इस जानवर के बारे में जानना चाहते हैं। वे पूरी तरह से अप्रत्याशित हैं और कोई भी जानता है कि कब वे आप पर हमला कर सकते हैं या आपको थप्पड़ मार सकते हैं, जंगल मे सफर करते वक़्त जहाँ बंदर हो वहां आपको निश्चित रूप से अपने साथ कुछ रखना होगा |

बाहरी कड़ी[स्रोत सम्पादित करें]

  1. ↑"इंसान की तरह ही फ़ैसला करते और खीझते हैं बंदर". बीबीसी हिन्दी. 31 मई 2013 को 01:55 IST. http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/05/130530_ape_tantrums_rd.shtml. अभिगमन तिथि: 5 जून 2013. 

Hindi Short Stories

 

"Billi Aur Bandar"
Cat And The Monkey

 

 

 

Ek Gaon  mein doh billiyan rahti thee. Wah aapas mein bahaut pyar say rahatee thee. Oonhay jo kuch milta tha, usse aapus mein baantkar khaya karti thee.Ek din oonhay ek roti milli. Usse barabar - barabar baantay samay oonmay jhagada ho gaya. Ek billi ko apni roti ka tukda doosri billi ke roti kay tukday say chotta lagga. Parantu doosri biili ko apni roti ka tukda chotta nahi lagga.

Jab dono billiyan kissi samjhotay par nahi pahonch payi toh dono billiyan ek bandar kay paas gayi. Oonhonay bandar ko sari baat batayi aur ussay nayay karnay kay leeyay kaha. Sari baat sunkar bandar ek taraju le kar aaya aur dono tukaday ek-ek paldhay mein rakh deeyay. Tohltay samay jo paldha bhari hua, uss wali tarf say ussne thodi see roti todhkar apne muh mein daal lee. Ab doosri taraf ka paldha bhari ho gaya, toh bandar nay uss  tarf say roti todhkar apne muh mein daal lee. Ess tarah bandar kabhi ess taraf say toh kabhi uss tarf say roti jayada hone ka kahkar roti todhkar apne muh mein daa layta.

Dono billiyan chupchap bandar kay phaysalay ka intezar karti rahin. Parantu jab dono billiyon nay dekha key dono tukday bahaut chottay-chottay raha gaye tu wah bandar say bolli - " Aap chinta na karay hum apne aap baantwara kar lengi."

Ess par bandar bola - " Jaisa aap theek samjho, parnatu mujhe bhi apni mehnat ki mazdoori milani chahiya." Itna kahkar bandar nay roti kay bachay huay dono tukday apne muh mein bhar leyay aur billiyon ko wahan say bhaga diya.

Dono billiyon ko apni galti ka bahaut dukh hua aur oonhay samajh mein aa gaya key - "Aapaas key foot bahaut boori hoti hai aur doosaray eska phayada ootha saktay hai."

 

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